गोवा राज्य

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time:2021-10-27 01:05:39 वित्तीय लक्ष्‍यों तक जल्दी पहुंचने के लिए इक्विटी या डेट फंड में से किसमें निवेश करें? Views:4591

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आप जो एसेट क्‍लास चुनते हैं, वह उस लक्ष्‍य पर निर्भर करता है जिसके लिए आप निवेश कर रहे हैं.
वित्तीय लक्ष्यों को पूरा करने के लिए अपनी बचत को सही एसेट क्लास में निवेश करना जरूरी है. इन लक्ष्‍यों में बच्‍चों की शिक्षा, घर खरीदना, रिटायरमेंट इत्‍यादि शामिल हैं. लंबी अवधि में एसेट बनाने में दो एसेट क्‍लास - इक्विटी और डेट अहम भूमिका निभाते हैं. हालांकि, आप पूछें कि अपने लक्ष्‍यों को जल्‍दी से पाने के लिए इक्विटी और डेट फंड में से बेहतर कौन है तो जवाब शायद आसान नहीं होगा. सच तो यह है कि इन दोनों का कॉम्बिनेशन और सही इस्तेमाल लक्ष्‍यों को पाने में मदद करेगा.

आप जो एसेट क्‍लास चुनते हैं, वह उस लक्ष्‍य पर निर्भर करता है जिसके लिए आप निवेश कर रहे हैं. यह फैसला आपकी उम्र, जोखिम लेने की क्षमता और बाजार की स्थितियों से भी तय होता है.

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अगर आप युवा (20 के पड़ाव में) हैं और रिटायरमेंट के लिए बचत शुरू करना चाहते हैं तो आपका निवेश इक्विटी म्‍यूचुअल फंड में ज्‍यादा होना चाहिए. इक्विटी म्‍यूचुअल फंड अपने एसेट का 65 फीसदी इक्विटी या अन्‍य संबंधित प्रतिभूतियों में निवेश करते हैं. लंबी अवधि में इक्विटी में अन्‍य एसेट क्‍लास के मुकाबले बेहतर रिटर्न पैदा करने की क्षमता होती है. साथ ही जब आप लंबी अवधि जैसे 10 साल या इससे ज्‍यादा के लिए इक्विटी में निवेश करते हैं तो अस्थिरता को जोखिम भी घटता है. ऐसे में 20 के पड़ाव में जो लोग हैं, उन्‍हें अपनी बचत का 80 फीसदी इक्विटी फंड में सिप के जरिये निवेश करना चाहिए अगर वे अपने रिटायरमेंट के लिए बचत कर रहे हैं.

लेकिन, आप 50 के पड़ाव में हैं और रिटायरमेंट के लिए बचत कर रहे हैं तो आप इक्विटी में इतना भारी-भरकम निवेश नहीं कर सकते हैं. उस स्थिति में कोई अपनी बचत का 25 फीसदी से 40 फीसदी इक्विटी में निवेश कर सकता है. यह उनकी जोखिम लेने की क्षमता पर निर्भर करता है.

रिटायरमेंट के बाद भी इक्विटी म्‍यूचुअल फंडों में कुछ पैसा लगाए रहना चाहिए. यह महंगाई के असर को कम करता है. चूंकि एफडी और डेट प्रोडक्‍टों पर मौजूदा कम ब्‍याज दर के माहौल में रिटर्न घटा है. ऐसे में इक्विटी का कुछ निवेश इसकी भरपाई कर सकता है.

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अगर आइडिया पूंजी की सुरक्षा है न कि ज्‍यादा रिटर्न तो डेट फंड सही विकल्‍प हैं. डेट फंडों में अस्थिरता कम होती है. हालांकि, रिटर्न कम होता है. डेट फंड कैटेगरी के भीतर भी अलग-अलग अस्थिरता और रिस्‍क प्रोफाइल वाले फंड होते हैं. लॉन्‍ग टर्म डेट फंड मुख्‍य रूप से लंबी अवधि के सरकारी बॉन्‍डों में निवेश करते हैं. कॉरपोरेट बॉन्ड फंड अर्थव्यवस्था में ब्‍याज दर के फ्लक्‍चुएशन को लेकर बहुत संवेदनशील होते हैं.

हालांकि, शॉर्ट-टर्म डेट फंड ब्‍याज दर के फ्लक्चुएशन को लेकर कम संवेदनशील होते हैं. कारण है कि ये छोटी अवधि के डेट इंस्‍ट्रूमेंट जैसे ट्रेजरी बिल, कमर्शियल पेपर इत्यादि में निवेश करते हैं. इस तरह के फंड उन लक्ष्‍यों के लिए मुफीद होते हैं जो एक से तीन साल दूर हैं. वहीं, इमर्जेंसी फंड बनाने जैसे बहुत छोटी अवधि के लक्ष्‍यों के लिए लिक्विड फंड या ओवरनाइट फंड उपयुक्‍त विकल्‍प हैं.

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फ्रेंकलिन टेंपलटन के इंडियन मैनेजमेंट ने घरेलू कारोबार के लिए अपनी प्रतिबद्धता जताई थी.शेयरों में निवेश से जुड़े जोखिम के अलावा इंटरनेशनल फंड में निवेश से करेंसी का जोखिम भी जुड़ा होता है. दूसरे देश की मुद्रा के मुकाबले रुपये में कमजोरी और मजबूती का असर आपके रिटर्न पर पड़ता है.कमजोर हाजिर मांग के कारण कच्चातेल वायदा कीमतों में हानि

वित्त वर्ष 2020-21 में घरेलू म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री का एसेट अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) 41 फीसदी बढ़कर 31.43 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचई गई.नयी दिल्ली, 26 अक्टूबर (भाषा) जिंदल स्टेनलेस लि. (जेएसएल) का सितंबर में समाप्त चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही का एकीकृत शुद्ध लाभ पांच गुना बढ़कर 411.62 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। आय बढ़ने से कंपनी का मुनाफा बढ़ा है। इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी ने 80.64 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था। शेयर बाजारों को भेजी सूचना में कंपनी ने कहा कि तिमाही के दौरान उसकी कुल आय बढ़कर 5,041.26 करोड़ रुपये पर पहुंच गई, जो एक साल पहले समान तिमाही में 3,324.15 करोड़ रुपये थीद्य। तिमाही के दौरान कंपनी का कुल खर्चऋण पहुंच कार्यक्रम के तहत बैंकों ने 11,168 करोड़ रुपये का कर्ज मंजूर किया

नयी दिल्ली, 26 अक्टूबर (भाषा) जिंदल स्टेनलेस लि. (जेएसएल) का सितंबर में समाप्त चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही का एकीकृत शुद्ध लाभ पांच गुना बढ़कर 411.62 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। आय बढ़ने से कंपनी का मुनाफा बढ़ा है। इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी ने 80.64 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था। शेयर बाजारों को भेजी सूचना में कंपनी ने कहा कि तिमाही के दौरान उसकी कुल आय बढ़कर 5,041.26 करोड़ रुपये पर पहुंच गई, जो एक साल पहले समान तिमाही में 3,324.15 करोड़ रुपये थीद्य। तिमाही के दौरान कंपनी का कुल खर्चनयी दिल्ली, 26 अक्टूबर (भाषा) वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को कहा कि बैंकों ने ऋण पहुंच कार्यक्रम (आउटरीच प्रोग्राम) के तहत लगभग दो लाख लोगों को 11,168 करोड़ रुपये का कर्ज मंजूर किया है। इस कार्यक्रम के तहत बैंक विवेकपूर्ण मानदंडों के आधार पर योग्य आवेदकों को ऋण स्वीकृत करने के लिए देश के विभिन्न हिस्सों में विशेष शिविरों का आयोजन कर रहे हैं। ज्यादातर बैंकों ने त्योहारी पेशकश के तहत रियायती ब्याज दरों और प्रसंस्करण (प्रोसेसिंग) शुल्क माफ करने की घोषणा की है। वित्त मंत्री के कार्यालय के एक ट्वीट में कहा, ‘‘अगस्त में सार्वजनिक क्षेत्र केसोने में मामूली गिरावट, चांदी 287 रुपये टूटी

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नयी दिल्ली, 26 अक्टूबर (भाषा) विदेशी बाजारों में तेजी के रुख से दिल्ली मंडी में मंगलवार को सरसों, सोयाबीन, सीपीओ और पामोलीन तेल- तिलहन के भाव में मजबूती रही जबकि अधिक फसल के बीच ऊंचे भाव के कारण मांग कमजोर होने से मूंगफली तेल-तिलहन और बिनौला तेल के भाव में गिरावट आई। बाकी भाव पूर्ववत बने रहे। बाजार सूत्रों ने कहा कि मलेशिया एक्सचेंज में 0.85 प्रतिशत की तेजी थी जबकि शिकॉगो एक्सचेंज 0.2 प्रतिशत तेज है। उन्होंने कहा कि त्योहारी मांग होने और स्टॉक की कमी के कारण सरसों तेल-तिलहन में सुधार है जबकि सस्ता बैठने के कारण आम लोगों

सट्टेबाजी का हिंदी अर्थ

मुंबई, 26 अक्टूबर (भाषा) चिप की कमी से चालू वित्त वर्ष में यात्री वाहनों की बिक्री में वृद्धि घटकर 11 से 13 प्रतिशत रहने का अनुमान है। पहले इसमें 16-17 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान लगाया गया था। एक रिपोर्ट में कहा गया है कि उत्पादन में कमी के बीच इंतजार की अवधि बढ़ने के कारण उद्योग में सुधार की रफ्तार धीमी हो रही है। क्रिसिल की रिपोर्ट में यह अनुमान लगाया गया है। क्रिसिल ने बाजार में 71 प्रतिशत की सामूहिक हिस्सेदारी रखने वाली शीर्ष तीन यात्री वाहन कंपनियों के विश्लेषण के आधार

बैकारेट का पहला चार-हाथ वाला सट्टेबाजी का दृष्टिकोण

सक्रिय रूप से मैनेज किए जाने वाले लार्ज कैप म्‍यूचुअल फंड के तौर-तरीकों का पिछले कुछ सालों में सभी को पता लग गया है. कुछ को छोड़ ज्यादातर स्कीमों ने प्रमुख सूचकांकों से कमतर प्रदर्शन किया है.

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अगर आप युवा (20 के पड़ाव में) हैं और रिटायरमेंट के लिए बचत शुरू करना चाहते हैं तो आपका निवेश इक्विटी म्‍यूचुअल फंड में ज्‍यादा होना चाहिए.

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नयी दिल्ली 26 अक्टूबर (भाषा) कमजोर हाजिर मांग के कारण कारोबारियों ने अपने सौदों के आकार को कम किया जिससे वायदा कारोबार में मंगलवार को कच्चे तेल की कीमत 47 रुपये की गिरावट के साथ 6,264 रुपये प्रति बैरल रह गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में कच्चातेल के नवंबर माह में डिलीवरी वाले अनुबंध की कीमत 47 रुपये अथवा 0.74 प्रतिशत की गिरावट के साथ 6,264 रुपये प्रति बैरल रह गई जिसमें 6,587 लॉट के लिए कारोबार हुआ। बाजार विश्लेषकों ने कहा कि कमजोर हाजिर मांग के बीच व्यापारियों द्वारा अपने सौदों की कटान करने से वायदा कारोबार में कच्चा

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